सोमवार, 16 नवंबर 2009

ज्ञान तत्त्व!

   पतित लोकतंत्र की काली पताका::::::मालेगाँव में पोप का प्रकोप::::::::बुद्धि और महत्वाकांक्षा दो ऐसे मानवीय गुण हैं जो कभी भी दिशा भटक जाने पर गुण से दुर्गुण बन जाते हैं.इन्ही गुणों के बल पर अखिल सृष्टि का प्रति एक मानव अकेले ही सारे विश्व पर शाशन करने की अवांछित और अस्वीकार्य कोशिश करने लगता है..वास्तव में यही एक मात्र वो तथ्य है जो संपूर्ण विश्व में अनेको युद्धों और करोड़ो लोगों की असमय मृत्यु का कारण बना.इसी महत्वाकांक्षा रूपी राक्षशी ने हम मानवों के कितने ही महान और प्रतिभाशाली पूर्वजों को छीन लिया है..और संभवतः सबसे ज्यादा हानी भारत वासीयों की हुयी है.यह होते हुए भी की हम अहिंसा के समर्थक रहे हैं,साथ ही संपूर्ण विश्व पर शाशन करने की महत्वाकांक्षा भी हमारे किसी पूर्वज ने नहीं की.हमारे भारत राष्ट्र की भोगोलिक सीमायें जहाँ तक रही हैं वहीँ तक हमारे शाशकों में शाशन करने की महत्वाकांक्षा रही है.हम अपनी सीमाओं से कभी बाहर नहीं गए,और इस द्रष्टि से कभी भी हमने ईश्वर द्बारा निर्धारित मानवीय मर्यादा को खंडित नहीं किया.विश्व के एक मात्र महानतम धर्म के मानने वाले और समर्थक होने के बाद भी भारतियों ने -कभी भी भारत के बहार अपने महान धर्म का आक्रामक और बलपूर्वक प्रचार--प्रसार करने का औचित्य नहीं समझा.प्रति एक भारतवासी में विश्वविजेता,,और प्रति एक धर्म गुरु में ईसा मसीह,मुहम्मद साहब,ज़र्थ्रुस्त्र,और कन्फियुशियश जैसी अद्यात्मिक योग्यता होने के बाद भी हमने कभी केवल अपने हित के लिए किसी विदेशी राष्ट्र में अपनी विचारधारा को कभी वहां की जनता पर नहीं थोपा,क्योकि इससे किसी अन्य राष्ट्र में दुसरे हानिकारक राष्ट्र का जन्म हो सकता था,जो निश्चित रूप से उस राष्ट्र के अस्तित्व के लिए विनाशक सिद्ध होता.इस तथ्य को हमारे महान पूर्वजों ने समझा और किसी भी प्रकार के अनावश्यक प्रयास नहीं किये.यही तथ्य अन्य विदेशी पंथो ने नहीं समझा की मनुष्य की असीमित महत्त्वाकांक्षा होने का अलग अर्थ है,और उन्हें पूरा करना असंभव है.मुस्लिम पंथियों के बाद अब भारत वर्ष में यही प्रयास ईसा मसीह के प्रवर्तक और पूजक---तथा पोप के अनुयायियों द्बारा किया जा रहा है.भारत में आये दिन कहीं न कहीं विस्फोट और आंतंक वादी घटनाएँ होती रहती हैं,जिनमे अनेक निरपराध और निर्दोष लोग मारे जाते हैं.गाधी परिवार के कई लोग आतंकवादियों द्बारा मारे जा चुके हैं.
 ----क्योंकि इन लोगो ने सदैव आतंक वाद के विरुद्ध कड़ा द्रष्टिकोण अपनाया,संभवतः इसीलिए इन लोगो को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था.यह वह समय था जब भारत में आंशिक आतंक वाद था,आज जबकि यह आतंक वाद आंशिक से संपूर्ण बन चूका है तब स्तिथि यह है कि आतंकवादी जब-जब नेताओं को जान से मारने कि धमकी देते हैं,और अपने विरुद्ध कोई कार्य वाही करने से मना करते हैं तब--तब हमारे देश कि सरकारें जो वास्तव में हमारी सरकारें नहीं हैं,,और नेता जो केवल अपने परिवारों का नेतृत्व करने के योग्य भी नहीं हैं,इन आतंकवादियों से डरकर उनसे समझोता कर लेते हैं और अपनी जान बचाने के लिए ये लोग उस भारतीय जनता को मरने के लिए छोड़ देते हैं जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी न तो स्वयं सरकार ले पा रही है और न ही स्वयम् जनता ही अपनी सुरक्षा की चिंता करती है.वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर एक महान राजनीतिक संकट उत्त्पन्न हो गया है.आतंकवाद के प्रभावशाली राजनीतिक मुद्दे के कारण पोप समर्थित सोनिया गाँधी की विदेशी हितों के अनुसार चलने वाली कांग्रेसी सरकार के बदले जाने का साथ ही कांग्रेस के अन्तःपतन का समय निकट है.उडीसा और कर्णाटक में पोपवादियों और ईसाईयों के विरुद्ध उनके द्बारा छलपूर्वक किये जा रहे धर्म परिवर्तन का कुछ राष्ट्रवादी संगठनों ने विरोध किया,जिसके कारण पॉप की पुजारिन सोनिया गाँधी बौखला गयी,और लालू---पासवान जैसे संकीर्णता वादी लोगों के दबाब में राष्ट्रीय स्वयम् सेवक संघ,बजरंगदल,और विश्व हिन्दू परिषद् के क्रय कर्ताओं के विरुद्ध कार्यवाही में लग गयी.वास्तव में तथाकथित सेकुलरवादियों ने कांग्रेस सरकार पर लगातार 5 वर्षों से मुख्य विपक्षी दल भाजपा समर्थक राष्ट्रवादी संगठनो को प्रतिवंधित करने का दबाव बनाया जा रहा था,जिससे की कई राज्यों में इन लोगो की जो सत्ता समाप्त हो गयी है उसको ये लोग वापस पा सकें.वाही दबाव अब वास्तविकता में बदल गयी है,परिणाम स्वरुप किसी भी दिन इन राष्ट्रवादी संगठनों को प्रतिबंधित करने क समाचार आपको जल्दी ही किसी भी दिन सुनने को मिलेगा.इससे धुर राष्ट्र वादी और आतंक विरोधी राजनितिक लोगों को सीधी हानि पहुंचनी निश्चित है,,जिसका सीधा लाभ आतंक परस्त और भारत विरोधी राजनितिक दलों को पहुंचेगा,कोई भी बुद्धिमान भारतवासी ये तो सोच हो सकता है की आखिर आज तक किसी भी विदेशी आतंक वादी का नार्को परिक्षण नहीं किया गयातब भला क्यों अभी तक अंतिम परिणाम पर न पहुँचने के बाद भी सुरक्षा एजेंसियां साध्वी प्रज्ञा और अमृतानंद आदि साधू संतों का नार्को टेस्ट बार-बार कर रही है.एक और महत्वपूर्ण बात है की इन सारे विस्फोटों की जिम्मेदारी पहले ही सिमी और इंडियन मुजाहिद्दीन ले चुके हैं.साथ ही कानपुर विस्फोट के एक दो दिन बाद बिना किसी जांच और परिणाम के श्री प्रकाश जायसवाल और सलमान खुर्शीद ने वक्तव्य दिया था की इन विस्फोटों में राष्ट्रीय स्वयम् सेवक संघ तथा बजरंग दल का हाथ है,आखिर कैसे उन्होंने ये बात बिना किसी जांच के कह दी थी.इसका अर्थ ये हुआ की ये विस्फोट राजनितिक लाभ पाने के लिए करवायें हो और नाम अन्य लोगो का ले लिया हो.बाद में सबूत बनाकर घटना क्रम को ऐसे रूप दिया गया की इसमें राष्ट्रवादी संगठनों के लोगों को फंसाया जा सके.      हो सकता है की इसमें कुछ कट्टरपंथी हिन्दू शामिल भी हो..जिसकी सम्भावना तो वैसे नहीं है,लेकिन इतने छोटे विस्फोटों के लिए हिन्दू समाज से इतने बड़े स्तर पर जो धर--पकड़ हो रही है उसका एक ही अर्थ है की इस गैरराष्ट्रवादी कांग्रेस सरकार की नियत सिर्फ चुनाव जीतने के लिए बहुत ख़राब हो गयी लगती है इसमें केवल उच्चवर्गीय ब्राहमण और क्षत्रिय समाज के लोगों को ही जेल भेजने और प्रताड़ित करने का प्रयास हो रहा है.इस बार कुछ सैन्य अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया गया है..अगर ऐसा है तो..[जो की नहीं होना चाहिए]...तब वास्तव में स्तिथि बहुत ही भयावह है..जिससे या तो देश खंडित होगा या फिर सारी भारतीय सेना विद्रोही होकर सत्ता का अपहरण कर सकती है.हो सकता है की यह भारत के कई पड़ोसी देशों की तरह तानाशाही शाशन का संकेत भी हो...जिसकी बहुत ज्यादा सम्भावना है...तो ये बात निश्चित रूप से राष्ट्रीय हितों के लिए अत्याधिक प्रतिकूल और महाविनाशक है.तथाकथित विस्फोटों में राष्ट्रवादी संगठनों को उत्तारदायी ठहराना और हर छोटी से छोटी गुप्त सुचना को भी मीडिया को दे देना,,सीधे--सीधे सरकार की गलत नियत को प्रकट करता है.जिससे भारत की जन-धन की हानि हो,,हिन्दू--मुस्लिम में नफरत फैले और दंगे हों..इस स्तिथि में सरकार चाहे सोनिया गाँधी की बने या फिर आडवाणी की,,हानि सिर्फ भारत वर्ष की होगी और लाभ सिर्फ ईसाईयत और पॉप तथा उसके समर्थकों का ही होगा. इसका संकेत इस बात से भी मिलता है कि बार--बार विस्फोटों में R.D.X. के प्रयोग की बात की जा रही है मगर..इससे पहले की जांच रिपोर्टों में यह बात पहले ही कही जा चुकी है कि..इन विस्फोटों में R.D.X. का प्रयोग नहीं किया गया था...वल्कि किसी और विस्फोटक का प्रयोग हुआ था...जैसे की समझोता एक्सप्रेस में अमोनियम नाईट्रेट का प्रयोग किया गया था...तब A.T.S. तथा दूसरी एजेंसियों की नियत पर सभी लोगों को संदेह होना निश्चित है और अब समय आ गया है की इन जांच एजेंसियों से सच्चाई की माँग की जाये...दूसरी एक और बात ये की कर्नेल पुरोहित ने सेना के गोदाम से 60 किलों R.D.X. चुराया था....इन तथाकथित विस्फोटों की गंभीरता को देखते हुए इनमे अधिक से अधिक 15 किलो R.D.X.का ही प्रयोग हुआ होगा तब...बचा हुआ 45 किलो R.D.X.कहाँ गया,और इन लोगो ने आखिर इतने वर्षों में उसका प्रयोग कहीं पर क्यों नहीं किया.....आने वाली जांचों में क्या ऐसा भी हो सकता है की..पिछले कई वर्षों से जो सारे विस्फोट होते रहे हैं..उनमे धीरे --धीरे इन हिन्दू राष्ट्रवादियों को ही उत्तरदायी ठहरा दिया जायेगा और अभी तक पकड़े गए सभी देशी और विदेशी आतंकवादियों को छोड़ दिया जायेगा !इन घटनाओं में एक और बात यह ध्यान देने योग्य है कि....इनका मुख्या सूत्र धार तो साध्वी प्रज्ञा सिंह और कुछ सैन्य अधिकारियों को बताया जा रहा है..जबकि विस्फोटक रखने के लिए कुछ मुस्लिम युवाओं को उत्तरदायी बताया जा रहा है...ये दोनों ही एक दुसरे की विरोधी बाते हैं...आखिर ये कैसे संभव है की ये राष्ट्र वादी हिन्दू संगठन अविश्वसनीय होते हुए भी भला क्यों मुस्लिम युवाओ का सहयोग लेंगे ...जबकि कोई भी बुद्धिमान व्यक्ति इतनी बात तो सोच ही सकता है कि कभी भी ये मुस्लिम युवा किसी भी कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन या विदेशी आतंकवादी संगठन को इस बारे में बता देंगे..इसके अर्थ हुआ कि ये विस्फोट किये तो हैं मुस्लिम संगठनो ने ही..मगर सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए ही हिन्दू संगठनों को फंसाया जा रहा है...एक और महत्वपूर्ण बात ये है की इस प्रकार कि कार्यवाही केवल वहीँ की सरकारें और सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं..जहाँ पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सरकार हैं...अन्य किसी भी राज्य में ऐसी कोई कार्यवाही नहीं किया जाना भी सरकारी तंत्र के दुरूपयोग को दर्शाता है !यह भी कहा जा रहा है कि इन विस्फोटों में हिन्दू संगठनों ने सिमी और इंडियन मुजाहिद्दीन का भी सहयोग लिया है....क्या मुस्लिमो के विरुद्ध विस्फोट करने के लिए ये कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन कभी हिन्दू संगठनों का सहयोग कर सकते हैं?!अगर ऐसा होता तो विस्फोटक भी इन्ही मुस्लिम संगठनों से लिए होते न कि सैन्य गोदाम से....अब भविष्य में ये हो सकता है कि सारे वास्तविक आतंकवादियों को छोड दिया जाये और हिन्दू राष्ट्र वादी संगठनों के लोगो को इनकी जगह जेल भेज दिया जाए...आतंकवाद,महंगाई,भ्रष्टाचार,बेरोजगारी,..और कम होती आर्थिक विकास दर जैसे प्रखर मुद्दों पर घिरी हुयी पॉप और इटली समर्थक,सोनिया कि कांग्रेस के लिए बचने का यही एक मात्र उपाय सूझ रहा है....क्योंकि..आतंकवाद..महंगाई...भ्रष्टाचार,,..बेरोजगारी..को तो सरकार रोक नहीं सकती थी...तब विपक्षी दल भा.ज.पा.को सत्ता में आने से रोकने का एक मात्र यही दमदार उपाय आज कांग्रेस और सोनिया गाँधी को देखाई दे रहा था..जो अंततः इन्होने हथकंडे के रूप में प्रयोग किया है... भले ही आप सब लोग मिलकर आने वाले लोकसभा चुनाव में भा.ज.पा.के पक्ष में वोटिंग करके उसको सत्ता सौंप दें...मगर आने वाले भविष्य के लिए ये एक अशुभ परम्परा बन जायेगी,अगर आप युवाओं ने भविष्य के लिए राष्ट्र को सुरक्षित बनाये रखने के लिए स्वयम् आगे आकर नेत्रत्व करने की योग्यता अपने अन्दर विकसित नहीं की तो निश्चित ही राष्ट्र खंड---खंड हो जायेगा..आप सब लोग आगे आईये और स्वयम् को राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय आवश्यकता के अनुसार नेत्रत्व करने के लिए तैयार कीजिये और भारत वर्ष को खंडित होने से बचने में हमारा सहयोग कीजये.

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